6.49 किलो सोना, ₹9.9 करोड़ की तस्करी का आरोप… फिर भी 8 को जमानत, कोर्ट ने गिनाए कई कारण

नई दिल्ली: 9.90 करोड़ रुपए का सोना, 23 चेन और दुबई से तस्करी की कथित साजिश… मामला गंभीर था, लेकिन कोर्ट के सामने सबसे बड़ा सवाल था—क्या इन आठों आरोपियों के खिलाफ ऐसा ठोस सबूत है, जिससे उन्हें हिरासत में रखना जरूरी हो? पटियाला हाउस कोर्ट ने इसका जवाब जमानत के पक्ष में दिया।

कोर्ट ने आरोपियों को दी जमानत

चीफ ज्यूडिशियल मैजिस्ट्रेट मृदुल गुप्ता ने 5 अक्टूबर को विदित गोयल, दीपक गोयल, लोकेश अग्रवाल, अशोक गोयल, पुनीत दुआ, संदीप जैन, नितिन बहल और आरती सेठी को जमानत दे दी। ये सभी 23 सितंबर से न्यायिक हिरासत में थे। उन्हें इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ग्रीन चैनल पार करते समय पकड़ा गया था।

मामले में क्या है कस्टम विभाग का पक्ष

कस्टम विभाग के मुताबिक, करीब 6.49 किलो सोने की 23 चेन दुबई में एक तय योजना के तहत यात्रियों के बीच बांटी गई थीं। आरोप है कि मुख्य आरोपी लोकेश अग्रवाल ने सिक्योरिटी क्लीयरेंस से पहले चेन दीं और इमिग्रेशन के बाद उन्हें वापस ले लिया। बाद में विमान में प्रतिबंधित सामान वाले तीन पाउच मिले।

जबरन बयान लेने के लगाए आरोप

लेकिन बचाव पक्ष ने कहानी पर ही सवाल खड़े कर दिए। अन्य वकीलों के साथ एडवोकेट प्रदीप राणा ने गैरकानूनी हिरासत, हिरासत में हिंसा और कस्टम एक्ट की धारा 108 के तहत जबरन बयान लेने के आरोप लगाए।