न नौकरी की चिंता, न मार्केट रिसर्च का खर्च… बेंगलुरु में रेपिडो चलाकर डेयरी बिजनेस की तैयारी कर रहा यह शख्स
वरुण के मुताबिक, दिनेश पहले NPCI में नौकरी करते थे, लेकिन उन्होंने अपनी नौकरी छोड़कर परिवार के डेयरी कारोबार से जुड़ा बिजनेस शुरू करने का फैसला किया। उनका परिवार ओडिशा में डेयरी फार्म चलाता है। दिनेश के माता-पिता उनके नौकरी छोड़ने के फैसले से खुश नहीं थे। इसके बावजूद उन्होंने बिजनेस में बड़ी रकम लगाने से पहले बाजार को समझने का फैसला किया।
राइड के दौरान पूछते हैं सवाल
दिनेश ने बिजनेस शुरू करने के लिए सीधे ओडिशा लौटने के बजाय करीब एक साल बेंगलुरु में रहने का फैसला किया। वह खास तौर पर आईटी सेक्टर में काम करने वाले लोगों से बातचीत करना चाहते हैं, क्योंकि इन्हें वह अपने संभावित ग्राहकों में देखते हैं। इसी मकसद से उन्होंने रेपिडो चलाना शुरू कर दिया।
एक साल का लक्ष्य
वरुण राज के मुताबिक, दिनेश ने खुद को एक साल का समय दिया है। इस दौरान वह बेंगलुरु में रहकर ग्राहकों की पसंद और बाजार की जरूरतों को समझेंगे और अपने बिजनेस मॉडल को तैयार करेंगे। इसके बाद वह ओडिशा लौटकर अपने परिवार के डेयरी फार्म से कारोबार शुरू करने की योजना बना रहे हैं।

